नमस्ते दोस्तों हमारे इस Online Blog WebSite https://www.seeon-tech.com/ में आप का स्वागत हैं | दोस्तों इस पोस्ट में हमने Programing क्या है | और इसे कितने Level में वर्गीकरण (Classification) किया हैं इसी के बारें में जानकारी लिखी हैं | मैं आशा करता हूँ आप को ये हमारा Blog Post जरुर पसंद आयेगी | दोस्तों यदि आप जानना चाहतें हैं की Programming Language क्या हैं ? और इन प्रोग्रामिंग भाषाओं का वर्गीकरण ( Classification Of Programming Languages ) तो हमारे इस Blog Post को अन्त तक जरुर पढ़े !
Classification-Of-Programming-Languages |
Programming Language क्या हैं ?
जैसा की हमें पता हैं | की Computer क्या हैं ? Computer एक Electonic Machine हैं | जो की Banry Number ( 0 , 1 ) को ही समझता हैं | जिसे ही हम Machine Language भी कहतें हैं | Computer न तो स्वयं कुछ सोच सकता हैं ना तो कुछ कर सकता है. वह तो बस User के द्वारा दिए गयें आदेशों का पालन करता हैं | अब जैसा की Computer हमारें आदेशो पर कार्य करता हैं और ( 0 , 1 ) को ही समझता हैं | लेकिन ( 0 , 1 ) के रूप में हमें उसे आदेश देने में बहुत ही कठिनाई होगी और इसे हम नहीं याद रख सकते हैं | और ना ही हर बार एक आदेश के लिए सैकड़ो ( 0 , 1 ) Codes को लिख सकते हैं |
हमारें इसी काम को आसान बनाने के लिए Programming Language को निर्माण किया गया जो की हमारें Won Language में होती हैं | जैसे :- English जो हमें आसानी से समझ आ जाती हैं | परन्तु Computer को समझने योग्य बनाने के लिए हमें एक Translater की आवश्यकता होती हैं | जो हमारें द्वारा दिए गये आदेशो के समूह को Programming Language से Machine Language ( 0 , 1 ) के रूप में बदलता हैं | जैसे :- Interpreter And Compiler जो की Human Readable Code ( Programming Language ) को Compile या Interpret कर ( 0 , 1 ) में बदल देता हैं | जिससे Computer हमारे आदेशों को आसानी से समझ पता हैं | जिस भी Language में हम अपने आदेशो के समूह को लिखते हैं | उसे Program कहते हैं | और Computer को जिस भी Language देते हैं | उसे ही Programming Language कहते हैं | जैसे :- C , C++, Java etc.
Short Note :-
यह एक तरह की Computer की भाषा है. इस Language का इस्तेमाल Software और Program लिखने के लिए किया जाता है . Computer के अंदर आप जितने Software और Mobile में जितने भी Application देख रहे हैं वो सारे Programming Language के जरिये बनाए जाते है. जैसे हमारी इंसानों की भाषाओं में Grammar यानि व्याकरण होता है. वैसे ही Programming Languages को लिखते वक्त Grammar यानि Syntax Rules के हिसाब से लिखे जाते हैं.
जैसे की आपको पता होगा एक Program लिखने के लिए Programming Language का इस्तेमाल किय जाता है. अब आपके मन में एक सवाल आया होगा की ये Program क्या होता है. एक Program में बहुत सारे Instructions होते हैं और ये Instruction ही Computers को बताते हैं की उन्हें क्या करना है. और एक सवाल अब ये Instruction क्या होते हैं. Instruction में बहुत सारे Commands होते हैं. एक बात और Programming Statements को Command कहते हैं.
जैसे की मैंने आपको पहले ही बताया C++, C, JAVA, COBOL, FORTRAN, SQL ये सारे एक एक Programming Languages के नाम है. Write A C Program To Find The Sum Of 2 Numbers या Write A Program To Find the Factorial Of A Number ?. अब ये दोनों एक एक Problem हैं और इनका Solution निकालने के लिए हमें कुछ Instruction लिखने होंगे जिन्हें हम अपनी Language में तो नहीं लिख सकते इसीलिए हम C, C++, JAVA या कोई और Language का इस्तेमाल कर के हमें Program लिखना होगा जिसे Computer Execute कर सके.
Classification Of Programming Languages :-
Computer Programing Languages को निम्नलिखित Level में वर्गीकरण किया गया हैं |
Classification Of Programming Languages |
- Machine Language
- Assembly Language
- High-Level Language
Machine Language :-
Machine Language Bainary Digits ( 0 , 1) का एक समूह हैं | जिसे Computer समझता हैं | और इसके लिए कोई Translater की आवश्यकता नहीं होती हैं | इसे Direct Read कर लेता हैं | इस लिए इसे Computer के लिए Low Level Language कहा गया हैं | ये हमारे लिए High Level Language हैं | इसे समझना हमारे लिए कठिन होता हैं |
Assembly Language :-
Assembly Language में Programs को 0 और 1 के बजाय AlphaNumaric Symbols में लिखा जा सकता हैं . और लिखा जाता हैं | इसके Syntex बड़े ही आसान होते हैं | इसके छोटे छोटे Symbols होते हैं जिसके सबके अपने अपने अलग मतलब होते हैं | जैसे :- दो Numbers को जोड़ने के लिए ADD और घटाने के लिए SUB और तुलना करने के लिए CMP आदि ऐसे Symbols को Mnemonic के रूप में जाना जाता हैं | Assembly Language में लिखे Program को Machine Language Bainary Digits (0 , 1) में बदलने के लिए Assembler का Use किया जाता हैं | ताकि इसमें लिखे Program को Execute किया जा सकें !
High-Level Language :-
High Level Language जो की मानव समझ के बहुत करीब हैं | इसे हम आसानी से समझ सकते हैं . हमारें द्वारा लिखे High Level Program Code को Bainary Digits (0 , 1) में बदलने के लिए Interpriter और Compiler की जरूरत पड़ती हैं | High Level Programming Languag का Use करते हुए हम बड़े हे आसानी से और सही से Program Codes लिख सकते हैं | इसे Computer Direct Read नहीं कर सकता हैं | ये Computers के लिए High Level Language परन्तु हमारें लिए यह Low Level Language हैं | इसे हम समझ सकते हैं | जैसे :- Java, Python, C, C++,
दोस्तों उम्मीद करते हैं | की हमारें दी गई ये जानकारी आपको पसंद आई होगी | यदि आप इस Post से कुछ सिख पायें होंगे तो इसे अपने दोस्तों को भी जरुर Shere करे ताकि उनको भी ये जानकारी मिल पाए उर कुछ नया सिख पाए | और आप इसी प्रकार की नई नई जानकारी पाना चाहतें हैं तो आप हमारें इस Blog को Follow भी कर सकते हैं | और हमसे जुड़े रहने और कुछ नया सीखने के लिए आप हमारा Telegram Channel को निचे दिए गये Link पर Click कर भी Join कर सकते हैं |
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